अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उस पर दोबारा हमला किया, तो उसे पहले से भी अधिक कठोर जवाब मिलेगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका को इतिहास से सबक लेना चाहिए, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
चुनाव के नतीजे और ट्रंप की प्रतिक्रिया
चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। अमेरिकी सीनेट में अब डेमोक्रेटिक पार्टी के 54 और रिपब्लिकन पार्टी के 44 सदस्य हैं। हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक पार्टी के 228 और रिपब्लिकन पार्टी के 139 सदस्य हैं। ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में माना कि ईरान युद्ध ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया, हालांकि उन्होंने अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं जताया।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के सर्वोच्च नेता मोज़तबा ख़ामेनेई ने कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ, तो जवाबी कार्रवाई का दायरा व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि ईरान को हर क्षेत्र में प्रगति की रणनीति को जारी रखना होगा, ताकि किसी भी हमले के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहा जा सके।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के खिलाफ वोट देकर यह संदेश दिया है कि वे ईरान के खिलाफ युद्ध नहीं चाहते। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी अधिकारी इस संदेश को नजरअंदाज करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
ट्रंप की रणनीति और बयान
चुनाव से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका का ईरान पर तुरंत हमला करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन वे हर स्थिति के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को समाप्त करने के लिए कदम उठाए हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि तेल की बढ़ती कीमतें रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ी चुनावी चुनौती बनीं। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति के बावजूद अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति अच्छी है।
Source: Dawn (English)
