यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल के दिनों में रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा क्षमताओं में कमी का उल्लेख किया है। ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से मिलने वाली आम खुफिया जानकारी की कमी की ओर भी इशारा किया।
रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन को अमेरिकी निर्मित पैट्रियट इंटरसेप्टर्स की आपूर्ति में कमी आ गई है, जो कि रूस के बढ़ते हमलों के बीच एक गंभीर चिंता का विषय है। ये इंटरसेप्टर्स रूस के मिसाइल हमलों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं, और उनकी कमी यूक्रेन की सैन्य क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
यूक्रेन के लिए खुफिया जानकारी का अभाव और अमेरिका द्वारा निर्मित स्टारलिंक संचार टर्मिनलों के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध भी इसके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं। ये टर्मिनल यूक्रेन की सैन्य संचार और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यूक्रेन की रक्षा क्षमता पर प्रभाव
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पैट्रियट इंटरसेप्टर्स की कमी से यूक्रेन की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यूक्रेन को ऐसे समय में यह संकट झेलना पड़ रहा है जब रूस की आक्रामकता बढ़ रही है। यह स्थिति न केवल यूक्रेन के लिए, बल्कि पूरे यूरोप के लिए चिंता का विषय है।
ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से अपील की है कि वे यूक्रेन को अधिक सहायता प्रदान करें, ताकि वह अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया है कि रूस के हमलों का सामना करने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी है।
अगले कदम क्या होंगे?
यूक्रेन की स्थिति पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि यदि पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को आवश्यक सैन्य सहायता नहीं दी, तो यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ज़ेलेंस्की की अपील के बावजूद, कई देशों ने अभी तक अपने पैट्रियट सिस्टम की आपूर्ति का आश्वासन नहीं दिया है।
इस बीच, यूक्रेन को अपने रक्षा उपायों को पुनर्गठित करने और अन्य संभावित संसाधनों का पता लगाने की आवश्यकता होगी। सामरिक सहयोग और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना ही एकमात्र उपाय हो सकता है, ताकि यूक्रेन अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित कर सके।
Source: NDTV India
