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TMC Faction Claims Party HQ Kolkata


कोलकाता14 मिनट पहले

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कोलकाता में TMC के कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में ममता बनर्जी की फोटो नहीं है। हेडक्वार्टर के अंदर से उनकी फोटो नहीं हटाई गई। - Dainik Bhaskar

कोलकाता में TMC के कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में ममता बनर्जी की फोटो नहीं है। हेडक्वार्टर के अंदर से उनकी फोटो नहीं हटाई गई।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने शुक्रवार को कोलकाता स्थित पार्टी हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में गुट ने दफ्तर के ताले बदल दिए और नए पोस्टर लगाए। नए पोस्टर्स में ममता बनर्जी की तस्वीर नहीं थी। हालांकि, अंदर लगी उनकी तस्वीर और कटआउट को नहीं हटाया गया।

ऋतब्रत बनर्जी ने समर्थकों-नेताओं के साथ मुख्यालय में बैठक कर खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताया। उन्होंने कहा कि अब पार्टी का काम यहीं से चलेगा। एक दिन पहले गुरुवार को उनके गुट ने चुनाव आयोग में पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठन पर दावा पेश किया था।

विधानसभा चुनाव में हार के बाद 3 जून को TMC के 80 में से 58 विधायक ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग हो गए थे। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था।

पार्टी हेडक्वार्टर में बैठे हुए टीएमसी बागी गुट के नेता।

पार्टी हेडक्वार्टर में बैठे हुए टीएमसी बागी गुट के नेता।

ममता गुट के नेता मुख्यालय के बाहर पुलिस अधिकारियों से चर्चा करते हुए।

ममता गुट के नेता मुख्यालय के बाहर पुलिस अधिकारियों से चर्चा करते हुए।

ममता समर्थक कुनाल घोष मुख्यालय में घुस नहीं हो पाए

ममता बनर्जी समर्थक गुट के वरिष्ठ नेता कुनाल घोष कार्यालय पहुंचे, लेकिन गेट पर ताला लगे होने के कारण अंदर नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि जो लोग ये दावा कर रहे हैं, वे निर्दलीय चुनाव जीतकर नहीं आए थे। कार्यालय पर कब्जा राज्य प्रशासन और पुलिस की सहमति से किया गया है।

बंगाल चुनाव में हार के बाद बागी गुट ने ऋतब्रत को नेता चुना

3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी।

टीएमसी के बागी विधायकों ने 3 जून को विधानसभा स्पीकर को ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए समर्थन पत्र दिया था।

टीएमसी के बागी विधायकों ने 3 जून को विधानसभा स्पीकर को ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए समर्थन पत्र दिया था।

ममता के पास अब 22 विधायक और 17 सांसद बचे

टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं।

विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं।

दो तिहाई सदस्य होने पर मिलती है अलग दल की मान्यता

बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर खुद को असली TMC के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। उन्होंने चुनाव आयोग को पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) की जानकारी दी थी।

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