अमेरिका में हाल ही में हुए मिडटर्म चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इन चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों सदनों पर बहुमत हासिल कर लिया है। इस प्रकार, रिपब्लिकन पार्टी ने दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण खो दिया है, जो पिछले 50 वर्षों में केवल दूसरी बार हुआ है।
डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स ने हाउस और सीनेट दोनों पर कब्जा कर लिया, जो एक ऐतिहासिक जीत मानी जा रही है। उन्होंने ट्रंप की अलोकप्रियता का फायदा उठाते हुए उन क्षेत्रों में भी जीत हासिल की जो लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाते थे।
इस जीत में दक्षिण कैरोलिना की सीनेट सीट शामिल है, जहां ट्रंप ने 2024 में 18 अंकों से जीत दर्ज की थी। टेक्सास में भी डेमोक्रेट्स ने जीत दर्ज की, जहां 1994 के बाद से कोई भी डेमोक्रेट राज्य स्तर पर नहीं जीता था।
हार के कारण
मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के कई कारण हैं। महंगाई, ट्रंप की टैरिफ नीतियां, ईरान के साथ चल रहे युद्ध और ट्रंप के आचरण जैसे मुद्दे मतदाताओं की चिंता का विषय बने।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी माना कि ईरान में चल रहे युद्ध ने चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित किया।
रिपब्लिकन पार्टी की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने चुनाव परिणामों के बाद कहा कि वे जनादेश को मानने के लिए तैयार हैं। इस हार के चलते उनके अगले दो वर्षों में सरकार चलाना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
डेमोक्रेट्स की इस जीत के साथ अमेरिकी राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
Source: NDTV India
