अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 के परिणामों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को गहरा झटका दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर कब्जा जमा लिया है। इस चुनाव को राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के खिलाफ जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है।
डेमोक्रेट्स का दबदबा
डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इससे राष्ट्रपति ट्रंप की शक्तियों में कमी आ सकती है और उनके विधायी एजेंडे को रोकने की संभावना बढ़ गई है। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे चुनाव परिणामों को स्वीकार करेंगे और डेमोक्रेट्स के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैं इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। हम डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे और कोई न कोई रास्ता निकालेंगे।” हालाँकि, इससे पहले उन्होंने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे, जिससे आशंका थी कि वे हार नहीं मानेंगे।
प्रमुख चुनावी परिणाम
जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक पार्टी के जॉन ओसॉफ ने रिपब्लिकन माइक कॉलिन्स को हराकर सीनेट की सीट बरकरार रखी। नॉर्थ कैरोलिना में पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने सीनेट की खाली सीट जीत ली है। फ्लोरिडा में रिपब्लिकन पार्टी के प्रयासों के बावजूद डेमोक्रेट्स ने कई सीटों पर जीत दर्ज की है।
इस बार के चुनाव में डेमोक्रेट्स ने हाउस की 3 और सीनेट की 4 सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत हासिल किया। ट्रंप ने महंगाई कम करने का वादा किया था, लेकिन बढ़ते फ्यूल के दामों और टैरिफ ने उनकी लोकप्रियता को घटा दिया।
चुनाव के बाद की स्थिति
व्हाइट हाउस में चुनावी रात के दौरान ट्रंप का मूड ठीक नहीं था। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा कि अगर वे मतपत्र पर होते तो भारी बहुमत से जीतते। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने चुनाव प्रक्रिया में कोई दखल न देने का निर्णय लिया है।
इन चुनाव परिणामों से यह स्पष्ट होता है कि डेमोक्रेट्स अब ट्रंप के बाकी कार्यकाल में उनकी नीतियों को चुनौती दे सकते हैं और उनकी सरकार के खिलाफ जांच शुरू कर सकते हैं।
Source: NDTV India
