क्वेटा: बलोचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बग्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रांत में किसी भी सरकारी नौकरी की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी प्रथा के विश्वसनीय सबूत सामने आते हैं, तो किसी भी मंत्री या सचिव को नहीं बख्शा जाएगा।
बग्टी ने गुरुवार को सचिवों की समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वन विभाग में भर्ती में अनियमितताओं की शिकायतों की जांच का आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच के बाद किसी को दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार बलूचिस्तान के युवाओं के रोजगार अधिकारों पर समझौता नहीं करेगी।
भर्ती प्रक्रिया और विकास परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रांतीय विभागों के प्रदर्शन और वार्षिक विकास कार्यक्रम के तहत प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने सभी ग्रेड 5 और उससे ऊपर के पदों के लिए एआई के माध्यम से मेरिट-आधारित भर्ती की स्वीकृत नीति के तत्काल कार्यान्वयन का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी और मुख्यमंत्री का सचिवालय सहायता प्रदान करेगा।
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने कर्तव्यों को ईमानदारी और निष्पक्षता से निभाएं। बैठक में विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
सभी के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता
सीएम ने यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सम्पूर्ण भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट हो। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक दबाव, पक्षपात या प्रभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में प्रांतीय मंत्री मीर जाहूर अहमद बुलेदी, मीर शोएब नशरवानी, मुख्य सचिव शकील कadir खान और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी नौकरी बेची नहीं जाएगी और इस नीति पर सरकारी मशीनरी एकजुट है।
इस बैठक में विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
प्रकाशित: 11 सितंबर, 2026, डॉन में
