स्नैपचैट के प्रमुख इवान स्पीगल ने बीबीसी को बताया कि उनके प्लेटफॉर्म पर किशोरों के लिए दैनिक समय सीमा निर्धारित करने की योजना है। यह बयान तब आया जब मेटा ने स्नैपचैट समेत अन्य सोशल मीडिया कंपनियों से अनुरोध किया कि वे भी ऐसे कदम उठाएं। स्पीगल ने कहा कि किशोर उपयोगकर्ताओं के लिए ऐप पर अधिकतम समय सीमा निर्धारित करना उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
मेटा के दबाव में सोशल मीडिया कंपनियां
मेटा ने हाल ही में एक बहु-बिलियन डॉलर के कानूनी समझौते के तहत अपने प्लेटफॉर्म पर किशोरों के लिए दो घंटे की दैनिक सीमा और अन्य उपायों को लागू करने का निर्णय लिया है। इस समझौते के हिस्से के रूप में, मेटा ने अन्य कंपनियों जैसे यूट्यूब और टिकटॉक से भी इसी तरह के कदम उठाने की उम्मीद जताई है।
इन प्लेटफॉर्म्स पर आरोप है कि वे युवा उपयोगकर्ताओं के लिए आकर्षक और संभावित रूप से हानिकारक हैं। स्नैपचैट भी इस संदर्भ में चर्चा में है, हालांकि स्पीगल ने इस पर कोई ठोस समयसीमा नहीं दी कि वे कब तक इस दिशा में कदम उठाएंगे।
स्नैप के स्मार्ट ग्लासेस
स्नैप इंक ने अपने आगामी स्पेक्स ग्लासेस के लिए नई विशेषताओं की घोषणा की है। ये स्मार्ट चश्मे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करते हुए उपयोगकर्ताओं को उनके लक्ष्यों, रिश्तों और दिनचर्या के आधार पर सुझाव देंगे।
स्पीगल ने कहा कि ये चश्मे एक नई श्रेणी का निर्माण कर रहे हैं, जो वीआर हेडसेट्स और पारंपरिक स्मार्ट ग्लासेस के बीच का रास्ता है। ये हल्के हैं और वास्तविक दुनिया में उपयोग के लिए उपयुक्त हैं।
गोपनीयता और सुरक्षा का मुद्दा
स्नैप के स्पेक्स में चेहरे की पहचान का उपयोग नहीं होता है, और जब वे वीडियो रिकॉर्ड करते हैं या तस्वीर लेते हैं, तो एक सफेद लाइट चमकती है। इससे आसपास के लोग जान सकते हैं कि रिकॉर्डिंग हो रही है।
मेटा के ग्लासेस के विपरीत, जहां उपयोगकर्ताओं ने संकेतक लाइट को छिपाने के तरीके खोजे हैं, स्नैप ने इसे सुरक्षित रखने के लिए डिज़ाइन किया है।
