राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी मदद से सत्ता में बने रहने का आरोप लगाने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बीजेपी ने इस आरोप को हास्यास्पद बताते हुए राहुल गांधी पर पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केशवन ने कहा कि राहुल गांधी खुद विदेशी मंचों पर भारत के आंतरिक मामलों में दखल की मांग करते रहे हैं, और अब वही दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं।
बीजेपी का तीखा पलटवार
बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी के लंदन यात्रा और विदेशी संबंधों पर सवाल उठाए हैं। मार्च 2023 में लंदन में राहुल गांधी के भाषण का जिक्र करते हुए केशवन ने कहा कि राहुल ने विदेशी सांसदों से भारत के लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की अपील की थी।
केशवन ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार नए झूठ गढ़ते हैं, जो अंततः उन्हीं पर उल्टा पड़ता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे इस तरह की मनगढ़ंत बातें करके देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सोनिया गांधी और जॉर्ज सोरोस का मुद्दा
बीजेपी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी सवाल उठाए हैं। केशवन ने पूछा कि क्यों कांग्रेस पार्टी सोनिया गांधी के ‘फोरम ऑफ Democratic Leaders in the Asia-Pacific’ के को-प्रेसिडेंट के रूप में काम करने के बारे में चुप्पी साधे हुए है। इस संगठन ने कश्मीर को स्वतंत्र देश बनाने की मांग का समर्थन किया था।
बीजेपी ने जॉर्ज सोरोस के संगठनों से कांग्रेस के संबंधों पर भी सवाल उठाए हैं। केशवन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उनके शीर्ष नेताओं का जॉर्ज सोरोस जैसे विवादित व्यक्तियों से संबंध है, जो भारत के लोकतंत्र को अस्थिर करने की साजिश रचते हैं।
हिंडनबर्ग और विदेशी दौरों पर सवाल
बीजेपी ने राहुल गांधी के विदेशी दौरों और हिंडनबर्ग रिसर्च के साथ उनके संबंधों पर भी सवाल उठाए हैं। केशवन ने कहा कि राहुल गांधी अक्सर बिना बताए विदेश दौरों पर जाते हैं और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।
उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी विदेशों में किन लोगों से मिलते हैं और इन मुलाकातों का असली एजेंडा क्या होता है। देश की जनता को इन सवालों के जवाब मिलना चाहिए।
Source: NDTV India
