प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दिवाली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का दौरा करेंगे। यह क्षेत्र पहले नक्सलवाद के लिए कुख्यात था, लेकिन अब विकास की नई राह पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने इस यात्रा के माध्यम से क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने का निर्णय लिया है, जो नक्सलियों के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री की यात्रा का उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि वे बस्तर में वीर जवानों के साहस, बलिदान और तपस्या को नमन करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां नक्सलियों का भय व्याप्त था, वहां अब विकास की बहार है। यह यात्रा सुरक्षा बलों और उनके योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने पहले भी दिवाली के पर्व को सैनिकों के साथ मनाने की परंपरा को बनाए रखा है। इस बार भी वे इस परंपरा को जारी रखते हुए बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे।
बस्तर में विकास की नई दिशा
बस्तर कभी भारत के सबसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल था। लेकिन सरकार की विकास योजनाएं और सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों के कारण अब वहां की स्थिति में सुधार आया है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार की सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे नक्सलियों का प्रभाव कम हो रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के दबाव और पुनर्वास नीतियों के चलते कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन बदलावों को सरकार और सुरक्षा एजेंसियां शांति और विकास की दिशा में बड़ी सफलता के रूप में देखती हैं।
Source: NDTV India
