अस्वीकृति की स्थिति
पाकिस्तान और तालिबान के बीच संबंधों को सुधारने के लिए रूस की मध्यस्थता की संभावनाओं की चर्चा हो रही है। विदेश कार्यालय ने कहा है कि काबुल को सीमा-पार आतंकवाद समाप्त करने की प्रतिबद्धता दिखानी होगी। तालिबान का आतंकवादी समूहों को शरण देने का रुख शांति प्रक्रिया के लिए एक बड़ा अवरोध है।
