दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित रैली पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस रैली को एक राजनीतिक नाटक करार दिया और कहा कि यह देश में अराजकता फैलाने और स्थिर सरकार को अस्थिर करने की साजिश है।
रैली पर जेपी नड्डा का बयान
जेपी नड्डा ने कहा कि 1 नवंबर का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काला अध्याय है, जब 1984 में सिख विरोधी दंगे हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े लोगों ने उस समय निर्दोष सिखों की हत्या की थी और हजारों परिवार बेघर हो गए थे। नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने आज तक सिख समुदाय से दिल से माफी नहीं मांगी।
उन्होंने इस रैली को सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने का प्रयास बताया और कहा कि यह दिन दंगों के पीड़ितों को याद करने का है, न कि राजनीतिक लाभ उठाने का।
व्यापारियों को नुकसान की आशंका
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि धनतेरस, दिवाली और छठ पूजा के दौरान छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वाले अपनी साल भर की कमाई की उम्मीद करते हैं। नड्डा ने दावा किया कि इस रैली के कारण व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है।
उन्होंने बताया कि चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने त्योहारों के दौरान बड़े राजनीतिक आयोजन नहीं करने की अपील की थी, जिसे नजरअंदाज किया गया।
राहुल गांधी की राजनीति पर प्रहार
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की राजनीति के चार चरण गिनाते हुए कहा कि उनका पहला चरण झूठ बोलना और हंगामा फैलाना है। दूसरा चरण सड़कों पर अराजकता और उपद्रव मचाना है। तीसरा चरण देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना और चौथा चरण विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करना है।
उन्होंने कहा कि भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है, जहां दंगे और अराजकता का खेल खेला जा सके। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी की परवाह नहीं करते और केवल अपनी राजनीति में व्यस्त रहते हैं।
Source: BBC World News
