डीएसपी प्रेम कुमार को हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक-2026 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया गया है।
राजस्थान पुलिस के डीएसपी प्रेम कुमार और उनकी टीम ने एक महत्वपूर्ण जांच के दौरान एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो सरकारी योजनाओं के अंतर्गत फर्जी लाभार्थियों को जोड़कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी कर रहा था। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, यह नेटवर्क चार विभिन्न राज्यों में सक्रिय था।
डीएसपी प्रेम कुमार और उनकी टीम द्वारा चलाए गए इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन शटर डाउन” नाम दिया गया है। इस ऑपरेशन के तहत, पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की और फर्जी लाभार्थियों के रिकॉर्ड को खंगालते हुए ठगों का पता लगाया। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब पुलिस को इस धोखाधड़ी के बारे में शिकायतें मिलीं।
ऑपरेशन शटर डाउन की प्रक्रिया
ऑपरेशन शटर डाउन के तहत, पुलिस ने चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान, विभिन्न स्थानों पर छापे मारकर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने पाया कि ये लोग सरकारी योजनाओं का फायदा उठाते हुए फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लाभार्थी बन रहे थे।
इस जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के ठगी के मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके लिए, पुलिस ने ठगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की योजना बनाई है।
महत्व और भविष्य की कार्रवाई
डीएसपी प्रेम कुमार द्वारा किया गया यह खुलासा न केवल राजस्थान में, बल्कि पूरे देश में सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके चलते, अन्य राज्यों में भी ऐसे मामलों की जांच को बढ़ावा मिलेगा।
आगे की कार्रवाई में, पुलिस ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि सभी लाभार्थियों के रिकॉर्ड की सही तरीके से जांच की जाए। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं की निगरानी करेंगी।
डीएसपी प्रेम कुमार और उनकी टीम का ये प्रयास निश्चित रूप से समाज में जागरूकता फैलाने में भी मदद करेगा, जिससे लोग सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठा सकें और ठगी के मामलों से बच सकें।
Source: NDTV India
