केरल कैडर की आईएएस अधिकारी अनु कुमारी ने अपने सहपाठी और यूट्यूबर ललित शौकीन के साथ एक पुराने इंटरव्यू में कई रोचक किस्से साझा किए। यह इंटरव्यू फिर से चर्चा में आ गया है, जिसमें दोनों ने हिंदू कॉलेज के दिनों से लेकर यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक-2 तक की अनु की यात्रा को याद किया। यह इंटरव्यू ललित शौकीन के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
पुराने दिनों की यादें
अनु कुमारी और ललित शौकीन ने वर्ष 2003 से 2006 के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में फिजिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की थी। इंटरव्यू में दोनों ने कॉलेज के दिनों के कई मजेदार किस्से साझा किए। अनु ने बताया कि वह अपनी क्लास में अकेली छात्रा थीं जो रोजाना ट्रेन से सोनीपत से कॉलेज आती थीं।
ललित शौकीन ने मजाक में एक परीक्षा का किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार मैथ्स टेस्ट में उन्होंने अनु से कॉपी दिखाने की बात कही थी, जिस पर अनु ने जवाब दिया कि वह खुद भी ज्यादा तैयारी नहीं करती थीं। इस पर ललित ने हंसते हुए कहा कि अगर देखना ही था तो उनकी कॉपी से देख लेतीं।
करियर की शुरुआत और यूपीएससी की तैयारी
कॉलेज की पढ़ाई के बाद अनु ने एमबीए किया और निजी क्षेत्र में नौकरियां कीं। उन्होंने तीन साल मुंबई, तीन साल गुरुग्राम और तीन साल दिल्ली में काम किया। उनका लक्ष्य सरकारी सेवा में जाने का था। अनु ने बताया कि टीना डाबी की सफलता की खबर ने उनकी जिंदगी बदल दी। उनके भाई ने बिना बताए उनका यूपीएससी का फॉर्म भर दिया था।
अनु ने बताया कि पहले प्रयास में वह केवल एक नंबर से प्री परीक्षा पास करने से चूक गईं, लेकिन यह असफलता उनके लिए लाभकारी साबित हुई। उन्होंने एक पूरा वर्ष तैयारी में लगाया और अपने बेटे को परिवार के पास छोड़कर सोनीपत स्थित मौसी के घर चली गईं।
यूपीएससी इंटरव्यू और सलाह
अनु ने यूपीएससी इंटरव्यू को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में बेतुके सवाल नहीं पूछे जाते, बल्कि बोर्ड उम्मीदवार के ज्ञान, सोच और दृष्टिकोण को समझने के लिए प्रश्न करता है। उन्होंने उम्मीदवारों को सलाह दी कि इंटरव्यू में झूठ न बोलें और जरूरत से ज्यादा चालाक बनने की कोशिश न करें।
अनु ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि गांव से होने या आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सफलता नहीं रुकती। उन्होंने बताया कि उन्होंने बिना कोचिंग के तैयारी की और ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल की।
Source: NDTV India
