ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के परिणामों के बाद स्पष्ट संकेत दिए हैं कि तेहरान की नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा हाउस और सीनेट दोनों पर नियंत्रण प्राप्त करने के बावजूद, खामेनेई ने कहा कि जो लोग अमेरिकी नीति में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं, वे ‘गलतफहमी’ में हैं।
ईरान की स्पष्ट नीति
खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ईरान की अमेरिका के प्रति नीति और प्रतिरोध की रणनीति में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने 4 नवंबर को अपने पोस्ट में लिखा कि ईरानी जनता अब अमेरिका के प्रति अपने दृष्टिकोण को पहले से अधिक स्पष्ट रूप से समझती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की ‘दुश्मनी’ के कारणों और उसके खिलाफ ईरानी प्रतिरोध को समझना आने वाले समय के लिए मार्गदर्शक है। खामेनेई ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट या पश्चिम एशिया में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान की प्रतिक्रिया और भी व्यापक होगी।
अमेरिका के लिए संदेश
खामेनेई का यह बयान अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के तुरंत बाद आया है, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने महत्वपूर्ण जीत हासिल की है। इस जीत को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
चुनाव प्रचार के दौरान, डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने ट्रंप की ईरान नीति को देश की आर्थिक समस्याओं से जोड़कर मतदाताओं के सामने प्रस्तुत किया था। हालांकि, चुनाव के बाद ट्रंप ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया है।
ईरान-अमेरिका संबंधों की दिशा
खामेनेई के बयानों से स्पष्ट है कि ईरानी नेतृत्व अमेरिकी राजनीतिक परिवर्तन को अपनी नीति में बदलाव का कारण नहीं मानता। उनका कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच की टकराव और अविश्वास की खाई बरकरार है।
खामेनेई ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी की स्थिति ने ‘अमेरिकी अजेयता के मिथक’ को तोड़ दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने फिर से ईरान पर हमला किया, तो मध्य पूर्व में संघर्ष और भी बढ़ सकता है।
Source: NDTV India
