गोवर्धन पूजा, जो दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है, इस बार 2026 में 9 या 10 नवंबर को होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस पर्व का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा के लिए घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है।
गोवर्धन पूजा की सही तारीख
हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 10 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 1 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, यह पूजा 10 नवंबर 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त
गोवर्धन पूजा के लिए प्रातःकाल का शुभ मुहूर्त सुबह 06:41 बजे से 08:51 बजे तक है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। शाम को गोधूलि मुहूर्त 05:31 बजे से 05:57 बजे तक होगा।
पूजन विधि
गोवर्धन पूजा के दिन गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसे फूलों से सजाया जाता है। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण और अन्य इष्ट देवों की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान धूप, दीप, फल, फूल, अक्षत, चंदन और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। इस दिन पशुधन जैसे गाय और बैल की पूजा भी की जाती है।
पूजा के अंत में गोवर्धन पर्वत की सात बार परिक्रमा की जाती है। इस दौरान लोटा में जल भरकर जौ बोते हुए परिक्रमा की जाती है। यह पूजा धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और इसे श्रद्धा पूर्वक किया जाता है।
Source: NDTV India
