दिवाली का पर्व नजदीक आते ही, सोशल मीडिया पर 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कमी का एक अजीब दावा तेजी से फैल रहा है। यह दावा एक कथित सर्कुलर के माध्यम से किया जा रहा है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम से प्रसारित हो रहा है। हालांकि, इस सर्कुलर की सच्चाई को लेकर अब भारतीय प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने एक महत्वपूर्ण फैक्ट चेक जारी किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल सर्कुलर का सच
PIB के अनुसार, RBI के नाम से जो सर्कुलर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह पूरी तरह से फर्जी है। यह जानकारी उन उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो इस प्रकार के भ्रामक संदेशों से प्रभावित हो सकते हैं। PIB ने यह भी स्पष्ट किया है कि RBI ने कोई ऐसा सर्कुलर जारी नहीं किया है, जिसमें नोटों की कमी का उल्लेख किया गया हो।
दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान, जब लोग खरीदारी करने की योजना बना रहे होते हैं, ऐसे फर्जी समाचारों का प्रसार चिंता का विषय है। इससे न केवल आम जनता में भ्रम फैलता है, बल्कि यह आर्थिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
RBI और PIB की स्थिति
RBI ने हमेशा स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार के फर्जी सर्कुलर या समाचार को गंभीरता से लेता है। इस प्रकार के भ्रामक सूचना प्रसार को रोकने के लिए, RBI ने PIB के माध्यम से जनता को सचेत किया है। PIB ने इस वायरल सर्कुलर की जांच करने के बाद इसे फर्जी करार दिया है और लोगों से आग्रह किया है कि वे ऐसे भ्रामक संदेशों पर ध्यान न दें।
यह स्थिति दर्शाती है कि कैसे सोशल मीडिया पर गलत सूचना तेजी से फैल सकती है और इससे आम जनता में भ्रम पैदा होता है। इसलिए, सभी से अनुरोध किया गया है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
अगले कदम
अब जब यह स्पष्ट हो चुका है कि वायरल सर्कुलर फर्जी है, तो लोगों को चाहिए कि वे अपनी खरीदारी में कोई भी निर्णय लेने से पहले सही जानकारी की पुष्टि करें। RBI और PIB जैसी संस्थाएँ हमेशा सही और सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर इस प्रकार के फर्जी दावों के खिलाफ जागरूकता फैलाना भी आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुए, आवश्यक है कि लोग एक-दूसरे को इस प्रकार की गलत सूचनाओं के बारे में सूचित करें और ऐसे संदेशों को साझा करने से बचें।
Source: NDTV India
