दिल्ली में अक्टूबर 2025 का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 166 रिकॉर्ड किया गया है, जो पिछले आठ वर्षों में सबसे कम है। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। इस वर्ष का आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है, लेकिन यह अब भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक श्रेणी में आता है।
पिछले वर्षों की तुलना
दिल्ली में अक्टूबर के महीने में वायु गुणवत्ता में गिरावट का एक लंबा इतिहास रहा है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में औसत AQI निम्नलिखित रहा: 2024 में 234, 2023 में 219, 2022 में 210, 2021 में 173, 2020 में 265, 2019 में 234 और 2018 में 269। इन आंकड़ों के आधार पर, 2025 का 166 का औसत AQI स्पष्ट रूप से एक सुधार दर्शाता है।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि, जबकि 2025 का आंकड़ा दूसरों की तुलना में बेहतर है, यह फिर भी वायु गुणवत्ता के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रयास
दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई उपाय किए हैं, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू करना और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना। इसके अलावा, सर्दियों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियमों को लागू किया जाता है, जब धुंध और प्रदूषण की समस्या अधिक होती है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि, केवल सरकारी प्रयासों से स्थिति में सुधार नहीं होगा। इसके लिए नागरिकों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी और प्रदूषण के स्रोतों को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाने होंगे। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी लोग मिलकर इस समस्या का सामना करें।
आगे का रास्ता
दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों का प्रभाव समय के साथ स्पष्ट होगा। आने वाले महीनों में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार अपने प्रयासों को और मजबूत कर सकती है और क्या नागरिक भी इसमें सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं।
इस बीच, विशेषज्ञों का सुझाव है कि नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए, जैसे कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना, साइकिल चलाना, और ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों का उपयोग करना। इस प्रकार, सभी मिलकर दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।
Source: NDTV India
