⚡ Breaking News

Companies Processing Expensive Crude Oil From Iran War; Rs 74,781 Cr Loss


  • Hindi News
  • Business
  • Petroleum Minister: Companies Processing Expensive Crude Oil From Iran War; Rs 74,781 Cr Loss

नई दिल्ली13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी या नहीं, इस पर फैसला अगले दो-तीन महीनों में ही लिया जा सकता है। अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान जंग के समय जब दुनिया में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, तब भारतीय तेल कंपनियों ने महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदा। रिफाइनरियां अभी उसी महंगे स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं। लागत से कम दाम पर ईंधन बेचने की वजह से देश की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को 30 जून तक 74,781 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें नीचे आने लगी हैं। अगर यह 2-3 महीने तक चला तो महीनों में तेल कीमतों में राहत की उम्मीद है।

सरकारी कंपनियों ने मई में की थी बढ़ोतरी

प्राइवेट कंपनी के दाम बढ़ाने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ाई थीं। मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में कुल ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है।

अप्रैल से जून के बीच किस ईंधन पर कितना हुआ नुकसान

पेट्रोलियम मंत्री ने कंपनियों को हुए घाटे का पूरा ब्योरा (अंडर रिकवरी) देते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान कंपनियों को अलग-अलग ईंधन पर नुकसान हुआ है। इस तिमाही में पेट्रोल पर 19,905 करोड़ रुपए की अंडर रिकवरी हुई, जबकि डीजल पर यह आंकड़ा 1.44 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वहीं रसोई गैस पर अप्रैल से जून के बीच कंपनियों को 24,148 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

अगर पिछली तिमाहियों और पिछले साल के LPG के नुकसान को भी जोड़ दिया जाए, तो तेल कंपनियों का कुल नुकसान (टोटल अंडर रिकवरी) 2.1 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच जाता है। इन सभी आंकड़ों को मिलाकर कंपनियों का कुल नुकसान 74,781 करोड़ रुपए रहा है।

क्या आने वाले दिनों में सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल?

कीमतों में कटौती की उम्मीदों पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि रिटेल प्राइज में कमी का सवाल तभी जायज होगा, जब आने वाले अगले कुछ हफ्तों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह निचले स्तर पर स्थिर बने रहें। अगर कीमतें अगले कुछ हफ्तों तक कम रहती हैं, तो निश्चित रूप से कंपनियां इस पर विचार करेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक पुराने महंगे स्टॉक की भरपाई नहीं हो जाती, तब तक बाजार की स्थिति पर नजर रखनी होगी।

नायरा का पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता

बता दें कि देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कमी की है। अब भोपाल में नायरा के पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए से घटकर 114.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए से घटकर 99.57 रुपए पर आ गया है।

सरकारी कंपनियों ने नहीं घटाए दाम

अभी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

तेज नजर भारत और दुनिया भर की
ताज़ा, विश्वसनीय और निष्पक्ष
खबरें सबसे पहले
आपके तक पहुँचाता है।

मुख्य श्रेणियाँ

  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • मनोरंजन
© 2026 Tej Nazar. All Rights Reserved. Powered By BlazeThemes.