महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और एनसीपी (शरद पवार गुट) के संभावित विलय को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
फडणवीस का बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि एनसीपी और एनसीपी (शरद पवार गुट) दोनों ही राजनीतिक दल स्वतंत्र हैं और वे अपने निर्णय स्वयं ले सकते हैं। उनका कहना था कि इस निर्णय में हस्तक्षेप करना उनका काम नहीं है।
फडणवीस ने यह भी कहा कि अगर दोनों गुटों के बीच कोई विलय होता है या इस दिशा में कोई कदम उठाया जाता है, तो महायुति और एनडीए को इसके बारे में अवश्य सूचित किया जाएगा।
किसी आधिकारिक जानकारी की कमी
फडणवीस ने बताया कि अब तक इस विषय पर किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। न ही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व से इस विषय पर संपर्क किया गया है और न ही कोई औपचारिक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा, तो सहयोगियों को जानकारी दी जाएगी।
प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के बयान
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से मुंबई में मुलाकात और सुनील तटकरे के बयान ने इस विषय पर चर्चाओं को और तेज कर दिया है। तटकरे ने कहा था कि अगर कुछ परिस्थितियां भिन्न होतीं, तो दोनों गुटों का विलय इसी वर्ष फरवरी में हो सकता था।
गोकुल डेयरी विवाद पर फडणवीस की सफाई
फडणवीस ने गोकुल डेयरी को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसी संस्था पर कब्जा करना नहीं है, बल्कि कानूनी दायित्वों को निभाना है। उन्होंने सुझाव दिया कि डेयरी से जुड़े पक्ष आपस में बातचीत कर विवाद का समाधान करें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के लिए काम कर रही है।
Source: NDTV India
