दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना है।
वाहनों और निर्माण पर प्रतिबंध
जीआरएपी-3 के तहत दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके अलावा, धूल उड़ाने वाली सभी बड़ी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है। इनमें खुदाई, बोरिंग, ड्रिलिंग और पाइलिंग जैसे कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा, निर्माण सामग्री और मलबे से भरे वाहनों की आवाजाही और धूल उड़ने वाली सामग्री की लोड अनलोडिंग पर भी प्रतिबंध रहेगा। पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशरों का संचालन और अन्य खनन गतिविधियां भी बंद रहेंगी।
स्कूलों और कार्यालयों के लिए निर्देश
कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूल हाइब्रिड मोड में चलेंगे, जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की पढ़ाई का विकल्प होगा। दिल्ली और एनसीआर के जिलों में राज्य सरकारों और नगर निगमों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्यालय चलाने और 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का निर्णय लेने की स्वतंत्रता होगी।
रेलवे, मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, आईएसबीटी और अन्य सार्वजनिक महत्व के प्रोजेक्ट्स को धूल नियंत्रण नियमों का पालन करते हुए जारी रखा जा सकेगा।
आम नागरिकों के लिए सुझाव
आम नागरिकों को छोटी दूरी तय करने के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, दफ्तर या बाजार जाने के लिए बस, मेट्रो या कारपूल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
घरेलू कर्मचारियों या सुरक्षा गार्डों को लकड़ी या कचरा जलाने से रोकने के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।
Source: NDTV India
