उदयपुर में हुए चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपियों पर आतंकवाद की धाराओं के तहत मुकदमा जारी रहेगा। राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपियों की याचिकाएं खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इन धाराओं को हटाने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आरोप तय करने के फैसले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया।
आरोपियों की याचिकाएं खारिज
राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश संजय के अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन शामिल थे, ने मोहम्मद रियाज अत्तारी और मोहम्मद गौस समेत अन्य आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने कहा कि आरोप तय करने के स्तर पर अदालत मिनी ट्रायल नहीं कर सकती। इस चरण में केवल यह देखना होता है कि अभियोजन पक्ष की सामग्री के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं।
अदालत ने यह भी कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह है तो आरोप तय करना उचित है। एनआईए की विशेष अदालत ने जनवरी और फरवरी 2024 में आरोपियों के खिलाफ UAPA, IPC और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए थे।
आरोपियों का पक्ष
आरोपियों के वकीलों, जिनमें मोहम्मद सलीम और सैयद सआदत अली शामिल थे, ने तर्क दिया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि आरोपी किसी गैरकानूनी या आतंकवादी संगठन के सदस्य रहे हैं। उनका कहना था कि पूरा मामला नूपुर शर्मा की टिप्पणियों से जुड़े विवाद के बाद शुरू हुआ था।
वकीलों ने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा बरामद वीडियो में ऐसी कोई सामग्री नहीं है जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की बात साबित हो।
एनआईए का तर्क
एनआईए ने अपने तर्क में कहा कि UAPA के तहत आपराधिक साजिश का दायरा व्यापक है। इसमें केवल आतंकवादी घटना को अंजाम देना ही नहीं, बल्कि उसकी साजिश रचना, प्रयास करना, उकसाना, सलाह देना, सहायता करना और घटना की तैयारी करना भी शामिल है।
एनआईए ने कहा कि मामले को केवल सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेशों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। आरोपियों की धमकियां, घटना के बाद उनका व्यवहार, बरामद वीडियो और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य सामूहिक रूप से बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं।
हाईकोर्ट का निर्णय
हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में बरामद वीडियो की सामग्री, धमकियों के संदर्भ और आरोपियों के आपसी संबंधों की विस्तृत जांच ट्रायल के दौरान ही हो सकती है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आरोप तय करने के आदेशों को सही ठहराते हुए सभी 8 आरोपियों की याचिकाएं खारिज कर दीं।
Source: NDTV India
