आईपीएस भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा की प्रेम कहानी इन दिनों सुर्खियों में है। उनकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 2015 में दोनों की पहली मुलाकात हुई और उसके बाद दोस्ती प्यार में बदल गई। परिवार के विरोध के बावजूद 2016 में उन्होंने प्रेम विवाह किया। हालांकि, हाल ही में उनके रिश्ते में तनाव आने के कारण भानु प्रताप सिंह को खगड़िया के पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया गया है।
प्रेम कहानी की शुरुआत
भानु प्रताप सिंह और पूजा की पहली मुलाकात 2015 में कोलकाता में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। पूजा ने बताया कि भानु प्रताप सिंह उनके मौसा के दोस्त के बेटे हैं। इस मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। उस समय भानु प्रताप सिंह राजस्थान के भरतपुर में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे।
परिवार के विरोध के बावजूद शादी
पूजा के अनुसार, उनके परिवार के लोग इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसके बावजूद उन्होंने भानु प्रताप सिंह से विवाह करने का निर्णय लिया। पूजा ने बताया कि वह कोलकाता से हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस ट्रेन से 1,352 किलोमीटर का सफर तय करके भरतपुर पहुंचीं और 2016 में उन्होंने प्रेम विवाह किया।
संघर्ष के दिनों में एक-दूसरे का साथ
पूजा ने बताया कि जब भानु प्रताप सिंह दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, तब उन्होंने एक निजी स्कूल में पढ़ाकर आर्थिक रूप से उनकी मदद की। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां भी संभालीं। भानु प्रताप सिंह ने 2018 से 2020 के बीच तीन बार यूपीएससी परीक्षा पास की और बाद में बिहार कैडर में आईपीएस बने।
विवाद और आरोप
हाल ही में पूजा ने भानु प्रताप सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें बेटी को अपने पास रखना, दूसरी शादी की तैयारी करना और पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर ध्यान न दिए जाने जैसे आरोप शामिल हैं। पूजा ने दावा किया कि भानु प्रताप सिंह ने उन्हें पटना के आईपीएस मेस में बंधक बनाकर रखा था।
भानु प्रताप सिंह का परिचय
भानु प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के निवासी हैं और उन्होंने हिंदी साहित्य में एमए की डिग्री हासिल की है। वह 2021 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।
Source: NDTV India
