फेस्टिव सीजन के दौरान भारत में कारों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया है। अक्टूबर 2026 में घरेलू पैसेंजर वाहनों की बिक्री ने 5 लाख यूनिट्स का आंकड़ा पार कर लिया। इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण टैक्स में कटौती और फेस्टिव सीजन की खरीदारी है।
ऑटो सेक्टर में उछाल
इस सीजन में मारुति सुजुकी, हुंडई, और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपनी सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, अक्टूबर में घरेलू पैसेंजर गाड़ियों की थोक बिक्री 5.25 से 5.3 लाख यूनिट्स के बीच रही, जो पिछले साल की तुलना में 12.4% अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में पैसेंजर कारों की बिक्री में 24.9% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ऑटो सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
टैक्स कटौती का प्रभाव
कारों की रिकॉर्ड बिक्री के पीछे मुख्य कारणों में पिछले वर्ष जीएसटी दरों में की गई कटौती, इनकम टैक्स में राहत, और किफायती ब्याज दरें शामिल हैं। इसके अलावा, पिछले कुछ वर्षों में 7% या उससे अधिक की आर्थिक वृद्धि भी इस बिक्री वृद्धि का एक प्रमुख कारण रही।
प्रथम बार कार खरीद रहे ग्राहकों ने बताया कि टैक्स कटौती के चलते कारों की कीमतें अब उनके बजट में आ गई हैं। चंदन ठाकुर और सारिका जैसे ग्राहक इस फेस्टिव सीजन में अपनी पहली कार की डिलीवरी लेने के लिए उत्साहित हैं।
SUV की बढ़ती मांग
टी.आर. साहनी मोटर्स के सीईओ राजीव साहनी ने बताया कि बाजार में SUV की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है। छोटे कारों के मालिक अब बड़ी कारों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो रहा है।
यह बदलाव दर्शाता है कि लोग अपनी जीवनशैली को अपग्रेड कर रहे हैं और बड़ी कारों पर निवेश कर रहे हैं।
Source: NDTV India
