⚡ Breaking News

61 साल पुराना गीत: शूटिंग में जोखिम और आज भी लड़कियों का फ्रीडम एंथम

हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे होते हैं, जो सुनने पर ज़िंदगी को एक नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देते हैं। ‘आज फिर जीने की तमन्ना है’ ऐसा ही एक गीत है। यह गाना फिल्म ‘गाइड’ से है, जिसमें देव आनंद और वहीदा रहमान ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। यह गीत आत्मविश्वास, आजादी और अपनी शर्तों पर जीवन जीने के जज़्बे का प्रतीक है।

फिल्म ‘गाइड’ का संगीत और कहानी

1965 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘गाइड’ का निर्देशन विजय आनंद ने किया था। फिल्म आर. के. नारायण के उपन्यास पर आधारित थी, जिसमें देव आनंद ने राजू और वहीदा रहमान ने रोजी का किरदार निभाया था। रोजी एक ऐसी महिला की कहानी है, जो अपने जीवन और नृत्य के प्रति अपने जुनून को पहचानने की कोशिश करती है।

लता मंगेशकर की आवाज़ में गाया गया यह गीत, शैलेंद्र के बोल और एसडी बर्मन के संगीत के साथ मिलकर एक अमर धुन बन गया है। वहीदा रहमान के अभिनय और डांस ने इस गाने को और भी खास बना दिया।

शूटिंग का जोखिम और वहीदा रहमान का साहस

इस गाने की शूटिंग राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किले में की गई थी। शूटिंग के दौरान वहीदा रहमान को किले की ऊँची और पतली दीवार पर डांस करना था, जिसके नीचे गहरी खाई थी। सेट पर मौजूद सभी लोग इस जोखिम के कारण चिंतित थे, लेकिन वहीदा रहमान ने इस चुनौती को बखूबी निभाया।

उनकी इस साहसिकता ने शूटिंग को सफल बना दिया और यह गाना फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा बन गया। आज भी यह गाना हर उम्र के लोगों के दिलों में बसा हुआ है।

लता मंगेशकर की प्रशंसा

वहीदा रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि लता मंगेशकर का गाया यह गीत उनका पसंदीदा है। उन्होंने बताया कि लता जी ने इसे इतनी सहजता से गाया कि यह उनके लिए भी गाना आसान हो गया।

यह गीत आज भी लड़कियों के लिए आजादी और आत्मविश्वास का प्रतीक बना हुआ है, और पीढ़ियों से पसंद किया जाता रहा है।

Source: NDTV India

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *