बाघिन को बचाने का सफल प्रयास
असम और पश्चिम बंगाल के वन विभागों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए एक सफल अभियान में एक बाघिन, जिसे ‘डुआर्स क्वीन’ के नाम से जाना जाता है, को सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। यह बाघिन डुआर्स क्षेत्र में बहुत प्रसिद्ध थी और इसके पकड़े जाने का यह प्रयास क्षेत्र के वन्यजीवों के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अभियान में 3 हाथियों और 3 JCB मशीनों का उपयोग किया गया, जिससे बाघिन को बिना किसी हानि के पकड़ना संभव हुआ। अधिकारियों ने बताया कि बाघिन की उम्र लगभग 6 वर्ष है और यह पिछले कुछ समय से इलाके में सक्रिय थी, जिसके कारण स्थानीय निवासियों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ था।
स्थानीय लोगों की चिंताएं
बाघिन के इलाके में घूमने के कारण कई बार मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ भी सामने आई थीं। वन विभाग ने पशु विशेषज्ञों की मदद से बाघिन को सुरक्षित रूप से पकड़ने का निर्णय लिया। यह कदम न केवल बाघिन की सुरक्षा के लिए जरूरी था, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था।
अधिकारियों ने बताया कि बाघिन को पकड़ने के कार्य में स्थानीय गांव वालों का भी सहयोग मिला। उन्होंने इस अभियान में हाथियों को प्रशिक्षित करने में मदद की। यह घटना न केवल वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में एक सफल प्रयास है बल्कि यह लोगों के साथ वन्यजीवों के सह-अस्तित्व की भी एक मिसाल पेश करती है।
आगे की योजना
अब बाघिन को एक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा, जहां उसकी देखभाल की जाएगी और उसे एक नए वातावरण में छोड़ने की तैयारी की जाएगी। वन विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि बाघिन को एक ऐसे क्षेत्र में छोड़ा जाएगा जहाँ मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना कम हो।
यह अभियान बाघिन के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम है। वन विभाग ने इस सफलता के बाद सभी संबंधित पक्षों को बधाई दी और भविष्य में ऐसे प्रयासों को जारी रखने का आश्वासन दिया।
Source: BBC World News
