दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई है। हाल ही में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 के स्तर तक पहुंच गया है, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। इस चिंता को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तुरंत प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू करने का निर्णय लिया है।
GRAP 2 के तहत लागू पाबंदियां
GRAP 2 लागू होने के साथ ही कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस योजना के तहत निर्माण और विध्वंस कार्यों को रोकने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, उद्योगों द्वारा प्रदूषण फैलाने वाले कार्यों को भी सीमित किया गया है।
सीमित हवा की गति और बढ़ते प्रदूषण के कारण, नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यकतानुसार ही बाहर निकलें और प्रदूषण से बचाव के उपायों का पालन करें।
नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश
नागरिकों के लिए जारी दिशा-निर्देशों में यह शामिल है कि वे मास्क पहनकर बाहर निकलें और अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें। खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से ही सांस की बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है ताकि वे इस प्रदूषण के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।
प्रदूषण की मौजूदा स्थिति
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में तापमान गिरने के कारण प्रदूषण के कण हवा में स्थिर हो जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में और गिरावट आती है।
इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए GRAP 2 के तहत उठाए गए कदम एक महत्वपूर्ण पहल हैं, लेकिन इसके साथ ही, नागरिकों को भी अपने स्तर पर प्रदूषण कम करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
Source: NDTV India
