महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी और विपक्ष पर संविधान की किताब को लेकर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता लाल किताब लेकर घूम रहे हैं, जबकि उन्होंने हमेशा नीले रंग की संविधान की किताब देखी है।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा
फडणवीस ने विपक्ष पर संविधान और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता संविधान और देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं और विपक्ष को संविधान से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेजीम चेंज का अर्थ सरकार बदलना, व्यवस्था बदलना और संविधान बदलना है। उन्होंने उद्धव ठाकरे के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि ठाकरे को रेजीम चेंज का मतलब मालूम है या नहीं, लेकिन उन्होंने भी व्यवस्था बदलने की बात कही है।
आपातकाल और संविधान संशोधन
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने 1975 के आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने उस समय देश के लोकतंत्र को कुचलने का काम किया था। फडणवीस के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इंदिरा गांधी ने पूरी व्यवस्था बदलने की कोशिश की थी।
उन्होंने 1976 में हुए 42वें संविधान संशोधन का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि इसके जरिए मौलिक अधिकारों को सीमित किया गया था। फडणवीस ने कहा कि 1977 में मोरारजी देसाई और अटल बिहारी वाजपेयी ने संविधान में बदलाव कर पिछली सरकार के किए गए संशोधनों को ठीक किया था।
विपक्ष पर लाल किताब का आरोप
फडणवीस ने विपक्ष के हाथ में लाल रंग की संविधान की किताब होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के लिए भी इसी तरह की किताब का इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि यह लोग बाबा साहेब के संविधान का सम्मान नहीं करते और उसी संविधान के तहत बनी संस्थाओं को बदनाम करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ प्रदर्शन पर भी फडणवीस ने सवाल उठाए और कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से न्यायपालिका की गरिमा पर सवाल खड़े होते हैं।
Source: BBC World News
