हरियाणा में जन्मी और गुजरात कैडर की 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी सिमरन भारद्वाज ने हाल ही में अपने अद्वितीय कार्य के लिए पहचान बनाई है। उन्होंने एक गंभीर मामले में महज 40 दिन के भीतर एक रेपिस्ट को फांसी की सजा दिलाई। यह मामला उस समय का है जब एक सात वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी की गई थी।
सिमरन भारद्वाज ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए केवल 12 दिन के भीतर चार्जशीट दायर की और इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। इस प्रक्रिया में सिमरन की मेहनत और दृढ़ संकल्प ने सभी को प्रभावित किया है। इसके चलते उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक 2026 से सम्मानित किया गया है, जो कि उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य का प्रतीक है।
सिमरन ने इस उपलब्धि के बारे में NDTV से बातचीत करते हुए बताया कि यह उनके लिए एक गर्व का पल है। उन्होंने अपने गांव और राज्य का नाम रोशन किया है और इस बात पर गर्व महसूस करती हैं। उनके कृत्य ने यह साबित कर दिया है कि कानून और न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कितनी मजबूत है।
यह घटना न केवल सिमरन के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने दिखाया है कि कैसे एक महिला पुलिस अधिकारी अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सकती है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उनके कार्य को देखते हुए, यह उम्मीद की जा सकती है कि अन्य युवा पीढ़ी भी उनके नक्शेकदम पर चलेगी और समाज की भलाई के लिए काम करेगी।
Source: NDTV India
