अटलांटा में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक पोस्ट के माध्यम से अपने विचार साझा किए। इस बैठक में उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ चर्चा की।
बैठक के मुख्य बिंदु
जयशंकर ने इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, जिनमें क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि स्थिरता केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए भी आवश्यक है।
बैठक में भाग लेने वाले मंत्रियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति में हालिया बदलावों के मद्देनजर, स्थिरता बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।
क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता
जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन चार देशों के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों का सामना करते हुए, चारों देशों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। जयशंकर ने कहा कि यह सहयोग न केवल सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आपसी विश्वास और समझ को भी बढ़ावा देता है।
आगे की रणनीति
एस. जयशंकर ने संकेत दिया कि भविष्य में क्वाड बैठकें जारी रहेंगी और इन बैठकों में अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे कि जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, और प्रौद्योगिकी में भी एकजुटता की आवश्यकता को रेखांकित किया।
भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि स्थिरता और सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित नीति बनाना आवश्यक है। यह न केवल चार देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा।
Source: NDTV India
