कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता संबंध अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कारण है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने इस गर्मी में मजाकिया अंदाज़ में पूछा, “क्या यह अच्छा नहीं होगा अगर कनाडा यूरोपीय संघ का 28वां राज्य बन जाए?” यह टिप्पणी उस समय की गई जब ट्रम्प और कनाडा के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ रहा था।
कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते संबंध
कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। कार्नी ने हाल ही में कहा कि कनाडा यूरोपीय संघ के साथ एक “विशिष्ट गठबंधन” की तलाश कर रहा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने भी कनाडा को यूरोपीय संघ का “सहयोगी सदस्य” बनाने की इच्छा जताई है।
कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों का यह नया दौर ट्रम्प के कार्यों के कारण है। ट्रम्प ने हाल ही में एक नक्शा पोस्ट किया जिसमें कनाडा और ग्रीनलैंड को अमेरिकी ध्वज के नीचे दिखाया गया। इससे कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में और भी वृद्धि हुई है।
टैरिफ और व्यापार संबंध
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार वार्ताएं हाल ही में विफल हो गईं हैं। यूरोपीय संघ के देशों ने इस स्थिति को ध्यान से देखा है। कार्नी ने ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और अमेरिका पर तुरंत काउंटर-टैरिफ लगाए हैं।
कनाडा ने यूरोपीय संघ के सुरक्षा कार्रवाई के लिए यूरोप (SAFE) रक्षा कोष में भी सफलता पूर्वक भाग लिया है। जबकि ब्रिटेन ने लागत और राजनीतिक तनाव के कारण इससे दूरी बनाए रखी।
भविष्य की दिशा
कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को और भी मजबूत करने के लिए एक शिखर सम्मेलन अगले महीने के अंत में निर्धारित है। इसके बाद, विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी और तकनीकी विवरणों को हल करने के लिए कार्य समूहों की स्थापना की जाएगी।
हालांकि, अमेरिका से पूरी तरह से अलग होना कनाडा और यूरोपीय संघ दोनों के लिए अवास्तविक लगता है। अमेरिका कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और यूरोपीय संघ के लिए भी यह सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है।
