क्या शूटर की जाम हुई बंदूक ने टाइगर श्रॉफ की जान बचाई? नए वीडियो सामने आए
टाइगर श्रॉफ की जान पर खतरा मंडराया जब दो व्यक्तियों ने उन पर गोलीबारी की। एक शूटर की बंदूक जाम होने के कारण उनकी जान बच गई। नए वीडियो सामने आए हैं जो घटना का विवरण देते हैं।
टाइगर श्रॉफ की जान पर खतरा मंडराया जब दो व्यक्तियों ने उन पर गोलीबारी की। एक शूटर की बंदूक जाम होने के कारण उनकी जान बच गई। नए वीडियो सामने आए हैं जो घटना का विवरण देते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का चुनावी समर्थन किया है। ट्रम्प का कहना है कि नेतन्याहू ने भारी विरोध के बावजूद मजबूती दिखाई है। हालाँकि, चुनाव में ट्रम्प का समर्थन नेतन्याहू के लिए निश्चित नहीं है। यह चुनाव नेतन्याहू के भविष्य का निर्धारण कर सकता है।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद एक ऑडियो में सलमान खान के सहयोगियों को धमकी दी। यह घटना बॉलीवुड में चिंता का विषय बन गई है।
टाइगर श्रॉफ पर हमले की योजना के तहत, एक व्यक्ति ने दावा किया कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से है। ड्राइवर को गोली लगने की घटना के बाद टाइगर की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।
टाइगर श्रॉफ पर हमला, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संबंध में। कपिल शर्मा और रोहित शेट्टी के ठिकानों पर भी हमले। सलमान खान के लिंक के कारण बढ़ी चिंता।
गौतम अदानी और उनका परिवार गुजरात के श्रीमद् राजचंद्र आश्रम में सत्संग में शामिल हुए, जहां मानव जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक अनुशासन पर चर्चा की गई।
जुलाई 2022 में सीरिया में एक ISIS नेता को पकड़ने के लिए भेजे गए पांच ब्रिटिश SAS सैनिक अब दो लोगों की हत्या के मामले में जांच का सामना कर रहे हैं।
फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण 1,800 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई और बड़े पैमाने पर लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है।
लेखक अमितावा कुमार ने फेसबुक द्वारा उनके सबस्टैक लिंक को भारत में ब्लॉक किए जाने पर माफी मांगी। उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के उदय और उसके आंदोलन के बारे में लिखा, जो एक व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ। भारत और पाकिस्तान की स्थिति में समानताएं हैं, जहां हास्य विरोध का एक साधन बन जाता है।
ईरान ने अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अपने प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह किया है। यह प्रस्ताव सितंबर में संघर्षविराम के विफल होने के बाद प्रस्तुत किया गया था। तेहरान ने बताया कि अमेरिका ने इसके जवाब में सभी शर्तों का समाधान नहीं किया है।