तेलंगाना के चार लोग, जो काम की तलाश में रूस गए थे, का दावा है कि उन्हें एक नागरिक नौकरी के प्रस्ताव के तहत एक रूसी सैन्य सुविधा में भर्ती किया गया था। लेकिन स्थिति जल्द ही बदल गई। इन पुरुषों के परिवारों का कहना है कि जब वे रूस पहुंचे, तो उन्हें एक सुनसान वन क्षेत्र में ले जाया गया।
वहाँ, उन्हें हथियार दिए गए और सैन्य प्रशिक्षण दिया गया, जिसके कारण उनकी सुरक्षा और भविष्य के प्रति चिंता बढ़ गई। यह मामला न केवल उन चार व्यक्तियों के लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है, जो अपने प्रियजनों की सलामती के लिए चिंतित हैं।
इस घटना ने विदेशों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए जोखिमों और चुनौतियों को उजागर किया है। ऐसे मामलों में, जहाँ लोग नौकरी के लिए विदेश जाते हैं, यह जरूरी है कि उन्हें सही जानकारी और सुरक्षा का आश्वासन मिले।
परिवारों की चिंता
परिवारों का कहना है कि उनके स्वजनों ने एक सामान्य नागरिक नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनके साथ जो हुआ, उसने सभी को हतप्रभ कर दिया। परिवारों ने स्थानीय अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है ताकि उनके रिश्तेदारों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह मामला न केवल मानवीय दृष्टिकोण से गंभीर है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी चिंता का विषय है जो विदेश में काम करने का सपना देखते हैं।
सरकारी प्रतिक्रिया
स्थानीय अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है और उन्होंने कहा है कि वे इस विषय पर जांच करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस पर ध्यान दिया है और उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि किसी भी नागरिक को विदेश में नौकरी के लिए जाने से पहले पूरी जानकारी और सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
