श्रीनगर-बडगाम के सांसद और शिया मुस्लिम नेता आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और अपनी लोकसभा सीट से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने मंगलवार को बडगाम के बहिश्ती जहरा पार्क में अपने समर्थकों के बीच एक बड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए यह फैसला सुनाया। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला।
उमर अब्दुल्ला पर कसा तंज
रुहुल्लाह मेहदी ने अपने 80 मिनट के भाषण की शुरुआत उमर अब्दुल्ला पर कटाक्ष से की। उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्ला के पास सत्ता तो है, लेकिन सम्मान नहीं। उन्होंने कहा कि यदि उमर को सम्मान देखना है, तो उन्हें बडगाम आना चाहिए। उन्होंने बताया कि 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ने का निर्णय उन्होंने क्यों लिया, और कैसे जम्मू-कश्मीर के लोगों का सम्मान और स्वाभिमान एक प्रक्रिया के जरिए छीन लिया गया, जो 1953 में शुरू हुई और 2019 में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के साथ पूरी हुई।
फारूक अब्दुल्ला की चुनौती
रुहुल्लाह ने डॉ. फारूक अब्दुल्ला को चुनौती देते हुए कहा कि उन्होंने उनसे कुरान पढ़ने को कहा था। उन्होंने कहा कि यदि फारूक ने कुरान पढ़ी होती, तो उन्हें पता होता कि अल्लाह का हुक्म है कि जालिमों के सामने सिर न झुकाएं। उन्होंने कहा कि सत्ता की कुर्सी खोने पर लोग दुखी हो जाते हैं, लेकिन वह अपनी कुर्सी छोड़कर खुश हैं।
नए राजनीतिक संगठन की संभावना
रुहुल्लाह मेहदी ने अपने समर्थकों के सामने एक नया राजनीतिक संगठन बनाने का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस से 24 साल के जुड़ाव के बाद अब अलग हो रहे हैं और अपनी लोकसभा सीट भी छोड़ रहे हैं। उन्होंने बडगाम में भारी भीड़ के सामने नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने वाले कागज़ात पर हस्ताक्षर किए।
Source: NDTV India
