बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में “ब्लॉक छापे” और “जनसामूहिक गिरफ्तारियां” कर रही हैं। खासकर, गোপालगंज सहित कई इलाकों में ये कार्रवाइयां की जा रही हैं।
शेख हसीना ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि यह सब तब हो रहा है जब देश में 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उनकी सरकार को हटाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने विरोधियों को दबाने के लिए हिंसक तरीकों का सहारा ले रही है।
उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से बांग्लादेश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। हसीना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस स्थिति पर ध्यान दें और बांग्लादेश में हो रही घटनाओं के प्रति जागरूक रहें।
गिरफ्तारी और यातना के आरोप
हसीना ने अपने बयान में यह भी कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों को यातना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार की यह नीति केवल राजनीतिक विरोधियों को लक्षित करने के लिए है।
कई मानवाधिकार संगठनों ने भी बांग्लादेश में हो रही इन गतिविधियों की निंदा की है और इस प्रकार के व्यवहार को अस्वीकार्य बताया है।
आगे की स्थिति
बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच, शेख हसीना ने अपनी पार्टी के सदस्यों और समर्थकों से एकजुट रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि सभी एकजुट होकर इस दमन का सामना करें।
हसीना के आरोपों के बाद, बांग्लादेश सरकार ने इन सभी दावों का खंडन किया है और कहा है कि वे केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट है कि देश में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और आने वाले दिनों में राजनीतिक घटनाक्रम पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
Source: NDTV India
