सरकार और विपक्ष के बीच PTI द्वारा प्रस्तावित 4 अक्टूबर के लंबे मार्च को लेकर बातचीत चल रही है।
इस बैठक का उद्देश्य देश में वर्तमान राजनीतिक संकट को सुलझाना है, जहां PTI का आगामी विरोध प्रदर्शन पार्टी के संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग के साथ केंद्र और पार्टी के बीच एक नया विवाद बन गया है।
PTI का मार्च जारी रखने का दृढ़ संकल्प है, जबकि संघीय मंत्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए केंद्र के पास गवर्नर शासन या आपातकाल लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।
विपक्ष ने भी सरकार को चेतावनी दी है कि यदि ऐसा निर्णय लिया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बातचीत के विवरण
Tehreek-i-Tahafuz Aain Pakistan (TTAP) ने X पर एक पोस्ट में बताया कि सरकार की समिति के साथ बातचीत चल रही है, जिसमें विपक्ष का नेतृत्व सीनेट में विपक्ष के नेता कर रहे हैं।
एक दिन पहले यह जानकारी सामने आई थी कि PPP और सरकार का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को PTI नेतृत्व के साथ बैठक करेगा, जिसमें देश की “वर्तमान राजनीतिक स्थिति” पर चर्चा की जाएगी।
इस बैठक में आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी, प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्ला, PPP की सीनियर नेता शैरी रहमान और PPP के एमएनए नवीद क़मर तथा अयाज जक़रानी शामिल होने की उम्मीद है।
विपक्ष की भागीदारी
विपक्ष की ओर से PTI के चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान, TTAP के प्रवक्ता अखुंदजादा यूसफजई, सीनेट में विपक्ष के नेता अब्बास और पूर्व सीनेटर मुस्तफा नवाज खुखर तथा हलीम आदिल शेख बैठक में शामिल होंगे।
आगे की जानकारी का इंतज़ार है।
