सऊदी अरब के राजा सलमान ने यमन के हूथियों को एक “आतंकी मिलिशिया” करार दिया है। यह बयान मंगलवार को एक हमले के जवाब में दिया गया, जिसका लक्ष्य मक्का के पवित्र शहर पर हमला करना था। यह सऊदी अधिकारियों का दावा है।
हूथियों का आरोप और सऊदी प्रतिक्रिया
हूथियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर नागरिकों और कैदियों पर घातक हमले करने का आरोप लगाया। सऊदी अरब यमन के रेड सी तट पर हूथियों के कब्जे को रोकने के प्रयास में हवाई हमले कर रहा है।
हूथियों द्वारा कब्जे के चलते कई लोग मारे गए हैं और वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य पर खतरा बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि विस्थापितों की संख्या 130,000 से बढ़कर 230,000 हो सकती है।
हूथियों के हमले और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
हूथियों ने सऊदी क्षेत्र पर हमले किए हैं, जिसमें राजधानी रियाद भी शामिल है। सऊदी अरब ने आरोप लगाया कि हूथियों ने मक्का को निशाना बनाया, जिसे हूथियों ने खारिज कर दिया।
ब्रिटेन और फ्रांस ने सऊदी अरब को सैन्य सहायकता देने का वादा किया है। ब्रिटेन एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग में मदद करेगा जबकि फ्रांस ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा में सहायता करेगा।
संघर्ष की बढ़ती हिंसा और मानवीय संकट
संघर्ष के चलते हजारों परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। एक महिला ने एएफपी को बताया कि वह अपने बच्चों के साथ रहने के लिए एक घर की तलाश कर रही है।
संघर्ष में 154 लोग मारे गए हैं। सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने यमन सीमा के पास संभावित खतरे की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में हटा लिया गया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका
जी7 नेताओं ने हूथियों से सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने और शांति प्रक्रिया में वापस लौटने की अपील की है। उन्होंने ईरान से हूथियों को समर्थन समाप्त करने की मांग की।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यमन में बढ़ते संघर्ष से बड़ी संख्या में विस्थापितों की संभावना है।
