संयुक्त राष्ट्र के एक तथ्य-जांच मिशन ने कहा है कि फरवरी में ईरान के एक स्कूल और खेल सुविधा पर हुए दो सैन्य हमलों के पीछे अमेरिका का हाथ होने के पर्याप्त सबूत हैं, और ये हमले युद्ध अपराधों के रूप में गिने जा सकते हैं।
ईरान में अमेरिकी हमले
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी बलों ने मिनाब शहर में शाजारेह तैय्यबेह प्राथमिक विद्यालय पर हमला किया, जिसमें 150 से अधिक लोग मारे गए थे। इनमें लगभग 120 स्कूली बच्चे शामिल थे। इस हमले के कारण नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने उस स्थान पर एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य कमांडर की मौजूदगी का दावा करते हुए हमला किया, लेकिन इस जानकारी को पूरी तरह से सत्यापित नहीं किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि किसी ने जानबूझकर ईरान के एक स्कूल पर हमला नहीं किया।
ईरानी दमन
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि ईरानी अधिकारियों ने दिसंबर के अंत में शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध किए। तेहरान ने इन प्रदर्शनों के लिए निर्वासित विपक्षियों और विदेशी शत्रुओं, विशेष रूप से अमेरिका और इजराइल को दोषी ठहराया।
संयुक्त राष्ट्र की जांच के अनुसार, ईरानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए हिंसा, इंटरनेट बंदी और मृत्युदंड का इस्तेमाल किया, जिससे मृतकों और घायलों की संख्या सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है।
