फ्रांस में पोप लियो XIV ने अपने चार दिवसीय दौरे के दौरान हजारों लोगों का स्वागत किया। इस यात्रा के पहले दिन उन्होंने पेरिस के केंद्रीय क्षेत्र में एक विशाल मास के आयोजन की तैयारी में एक भाषण दिया, जिसमें आधे मिलियन से अधिक लोग शामिल होने की उम्मीद है।
पोप का स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ओरली हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इसके बाद, पोप ने Élysée पैलेस में भू-राजनीतिक मुद्दों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर चर्चा की। इस दौरान बीबीसी के पेरिस संवाददाता ह्यू शॉफील्ड ने बताया कि इस यात्रा को उत्साह के साथ क्यों देखा जा रहा है, जिसे चर्च ने फ्रांस में बढ़ती आध्यात्मिकता के साथ जोड़ा है।
पोप की यात्रा का महत्व
पोप की यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह फ्रांस में आध्यात्मिकता की बढ़ती धारणा का भी संकेत देती है। चर्च के अनुसार, फ्रांस के लोग फिर से अपने धार्मिक मूल्यों की ओर लौट रहे हैं, जो इस यात्रा के प्रति उत्साह का मुख्य कारण है।
इस यात्रा के दौरान, पोप ने विभिन्न सामाजिक और आध्यात्मिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उनका यह दौरा फ्रांस में कैथोलिक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है।
उपस्थित लोगों की संख्या
पोप की मास में शामिल होने के लिए पेरिस में एकत्र होने वाले लोगों की संख्या आधे मिलियन से अधिक होने की उम्मीद है। यह संख्या दर्शाती है कि कैसे फ्रांस में कैथोलिक धर्म के प्रति लोगों की रुचि बढ़ रही है।
इस संबंध में, कई स्थानीय लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और पोप के प्रति अपनी भावनाओं का इजहार किया। उनके लिए यह एक अद्भुत अवसर है, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।
