तालियों से नहीं, विश्वसनीयता से तय होती है आपकी कीमत:जो अपनी भूल मानने को तैयार नहीं, वह सच तक नहीं पहुंच सकता
किसी भी पेशे में और खास तौर पर लेखन तथा कला के क्षेत्र में अहम चीज इंटेग्रिटी है। टैलेंट से भी ज्यादा क्योंकि प्रतिभा आपको पहचान दिला सकती है, लेकिन असली पहचान इस बात से बनती है कि आप अपने काम और अपने आप से कितने ईमानदार हैं। इंटेग्रिटी का मतलब सिर्फ सच बोलना नहीं…
