प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 में अपने मुख्य भाषण के दौरान कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल उन आंदोलनों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जो सरकार की कमियों को उजागर करने और प्रणाली में सुधार के लिए वास्तव में प्रयासरत हैं।
सच्चे लोकतंत्र की आवश्यकता
मोदी ने स्पष्ट किया कि एक लोकतंत्र में सुधार की आवश्यकता होती है और इसके लिए जन आंदोलन आवश्यक होते हैं। उन्होंने कहा, “कुछ आंदोलन स्वाभाविक रूप से सरकार की खामियों को उजागर करना चाहते हैं और प्रणाली में सुधार के लिए ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं।”
इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आंदोलनों की आवाज कांग्रेस के शोर में खो जाती है। यह टिप्पणी कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों पर एक सीधा संकेत है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने स्वार्थ के लिए सच्चे जन आंदोलनों को दबा रही है।
कांग्रेस का परजीविता का आरोप
मोदी ने कांग्रेस को ‘परजीवी’ बताते हुए कहा कि यह पार्टी उन आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है जो वास्तव में जनहित में काम कर रही हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति का परिणाम यह है कि जिन लोगों का उद्देश्य सरकार के खिलाफ ईमानदार विरोध करना है, वे बिना किसी समर्थन के रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए हानिकारक है और इसे रोकने की आवश्यकता है। मोदी ने जोर देकर कहा कि सही आवाज़ों को सुना जाना चाहिए ताकि लोकतंत्र में सुधार संभव हो सके।
आगे की राह
प्रधान मंत्री मोदी के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह एक बड़ा बयान है जो आने वाले चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ एक रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को इस बयान का जवाब देना होगा और यह देखना होगा कि क्या वे अपने कार्यों को सुधारने में सक्षम हैं या नहीं।
Source: NDTV India
