पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक दर्दनाक हादसे में एक स्कूल की छत गिरने से कम से कम 33 छात्र और एक शिक्षक की मौत हो गई है। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। कई बच्चों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है।
घटना का विवरण
गुरुवार को सुबह 08:48 (03:48 GMT) पर निजी अल-खैर स्कूल में पाठ्यक्रम शुरू हो चुका था, जब इस घटना की जानकारी आपातकालीन सेवाओं को दी गई। आपातकालीन अधिकारी बिलाल फैजी ने बीबीसी को बताया कि ऊपरी मंजिल की कक्षा की छत गिर गई, जिससे नीचे की कक्षाओं की छतें भी गिर गईं।
आपातकालीन अधिकारी आरिफ खट्टक के अनुसार, स्कूल अस्थायी रूप से बनाए गए भवन में स्थित था। पहले की रिपोर्टों में कहा गया था कि प्रभावित कक्षाएं दो मंजिला भवन में थीं, लेकिन पेशावर पुलिस प्रमुख मियाँ सईद ने पुष्टि की कि तीन मंजिलों की कक्षाएं गिर गई थीं।
राहत और बचाव कार्य
स्थानीय निवासी और एक अंग्रेजी शिक्षक ने बताया कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद अन्य स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर मलबे से 20 से अधिक बच्चों को बाहर निकाला। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी हाथों से छह बच्चों को बाहर निकाला। उनमें से अधिकांश जीवित थे और बात कर रहे थे, लेकिन बाद में पता चला कि वे मर चुके थे।”
पुलिस प्रमुख मियाँ सईद ने कहा कि भवन अभी भी “अत्यधिक खतरनाक” है और लोगों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और स्कूल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सुरक्षा उपाय और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने प्रांत के सभी स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते।”
इससे पहले भी पाकिस्तान में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। चार महीने पहले लाहौर के पास एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी।
Source: BBC World News
