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निरव मोदी और विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर ब्रिटेन के व्यापार मंत्री का बयान

ब्रिटेन के व्यापार मंत्री ने हाल ही में निरव मोदी और विजय माल्या के प्रत्यर्पण से संबंधित मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि ब्रिटेन ऐसा कोई स्थान नहीं बनेगा जहाँ ऐसे भगोड़े सुरक्षित रह सकें। उनका यह बयान उन मामलों की पृष्ठभूमि में आया है जिनमें ये दोनों भारतीय व्यवसायी वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

निरव मोदी और विजय माल्या का मामला

निरव मोदी और विजय माल्या भारत में बड़े वित्तीय अपराधों में शामिल रहे हैं, जिनमें बैंकों से धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। मोदी पर आरोप है कि उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से लगभग 14,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की, जबकि माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के माध्यम से बैंकों का पैसा डुबोने का आरोप है। दोनों ही व्यवसायी वर्तमान में ब्रिटेन में रह रहे हैं और भारत ने उनके प्रत्यर्पण की मांग की है।

ब्रिटेन के व्यापार मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि इन मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और ब्रिटेन कानून के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन करेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनेगा जो कानून से भाग रहा है। यह बयान उन चिंताओं के बीच आया है कि क्या ब्रिटेन इन मामलों में भारत के अनुरोध पर उचित कार्रवाई करेगा।

विदेशी श्रमिकों और पेशेवरों पर प्रतिबंध

इसके अलावा, मंत्री ने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत विदेशी श्रमिकों और पेशेवरों पर लागू प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों ने कई पेशेवरों की स्थिति को प्रभावित किया है, खासकर उन लोगों को जो ग्रीन कार्ड और रोजगार आधारित आव्रजन के लिए आवेदन कर रहे हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि कैसे ये नीतियाँ वैश्विक स्तर पर व्यवसायों को प्रभावित कर रही हैं और ब्रिटेन की व्यापार नीतियाँ विदेशी कामकाजी पेशेवरों के लिए अनुकूलित करने की दिशा में हैं। उन्होंने जोर दिया कि ब्रिटेन इस क्षेत्र में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

अगले कदम

निरव मोदी और विजय माल्या के मामलों में आगे की प्रक्रिया पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। भारत ने दोनों के प्रत्यर्पण के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, और ब्रिटेन की न्यायिक प्रणाली अब इन मामलों की जांच करेगी। यदि सब कुछ सही ढंग से चलता है, तो यह संभव है कि जल्द ही इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार, ब्रिटेन के व्यापार मंत्री का यह बयान न केवल निरव मोदी और विजय माल्या के मामलों पर बल्कि अमेरिका में विदेशी श्रमिकों पर लागू प्रतिबंधों पर भी एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करता है। यह इंगित करता है कि ब्रिटेन एक सख्त और निष्पक्ष प्रत्यर्पण नीति के लिए प्रतिबद्ध है।

Source: NDTV India

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