नाइजीरिया में इबोला के पहले पुष्ट मामले की पुष्टि के बाद यह बात सामने आई है कि मरीज ने युगांडा की यात्रा की थी। अफ्रीका के स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख ने बीबीसी को बताया कि यह महिला एक राजनयिक की पत्नी है, जो युगांडा की राजधानी में छुट्टियाँ मनाने गई थी। यह महिला मूल रूप से युगांडा की रहने वाली है और अबुजा में रहती है।
मरीज की स्थिति और यात्रा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 42 वर्षीय महिला ने कम्पाला में ढाई हफ्ते बिताए और लौटते वक्त इथियोपिया की राजधानी में दो घंटे का ठहराव किया। महिला की हालत स्थिर है और वह सुधार कर रही है। अधिकारियों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए महिला के संपर्क में आए 44 लोगों की पहचान की है।
इनमें से किसी को भी लक्षण नहीं दिखे हैं और इन्हें अलग-थलग रखा गया है। महिला ने अबुजा के बाहर यात्रा नहीं की थी। 6 अक्टूबर को उसे लक्षण महसूस हुए और उसने चिकित्सा सहायता ली। शुरुआत में उसे मलेरिया समझा गया क्योंकि इसके लक्षण इबोला से मिलते-जुलते हैं।
इबोला का प्रसार और नियंत्रण
इबोला एक दुर्लभ लेकिन घातक बीमारी है जो एक वायरस के कारण होती है। यह संक्रमित शरीर द्रव्यों के संपर्क में आने से फैलती है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में मई से शुरू हुए इस प्रकोप ने कम से कम 4,600 लोगों की जान ली है।
अफ्रीका के स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने अफ्रीकी देशों से जानकारी साझा करने का आग्रह किया ताकि महिला की यात्रा का पता लगाया जा सके। पश्चिमी देशों से यात्रा प्रतिबंध न लगाने की अपील की गई है।
नाइजीरिया की तैयारी और अनुभव
2014 में नाइजीरिया ने सफलतापूर्वक इबोला प्रकोप पर नियंत्रण पाया था। स्वास्थ्य मंत्री ने इस बार भी सफलता दोहराने का विश्वास जताया है। देश ने रोग निगरानी, प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षित महामारीविदों की संख्या बढ़ाई है।
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में बंडिबुग्यो प्रजाति के इबोला का प्रकोप है जिसके लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या इलाज नहीं है।
Source: BBC World News
