इजरायल के संस्कृति मंत्री ने हाल ही में ऑस्कर विजेता इजरायली सह-निर्देशकों की नागरिकता रद्द करने की धमकी दी है। ये निर्देशक “नाज़ा” नामक एक डॉक्यूमेंट्री के लिए चर्चित हैं, जो गाजा में इजरायली सेना द्वारा नागरिक हत्याओं का आरोप लगाती है। फिल्म में इजरायली सेना के एआई-आधारित लक्षित प्रणाली का विवरण दिया गया है, जिसका इस्तेमाल 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले के बाद गाजा पर बमबारी करने के लिए किया गया था।
फिल्म पर विवाद और आरोप
गाजा के हमास-प्रशासित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) के अभियान में अब तक 73,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें 20,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं। “नाज़ा” फिल्म के निर्देशक, युवाल अब्राहम और रेचल श्ज़ोर, अपनी 80 मिनट की डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से इजरायल की योजनाबद्ध नागरिक हत्याओं का विवरण देते हैं। आईडीएफ ने फिल्म में लगाए गए आरोपों को “पूरी तरह से गलत” बताया है।
मंत्री की प्रतिक्रिया और कानूनी कदम
संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने अधिकारियों से जांच करने को कहा है कि सामग्री कैसे प्राप्त की गई और क्या यह युद्धकाल में शत्रु को सहायता प्रदान करने के बराबर है। उन्होंने इजरायल के आंतरिक मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा कि फिल्म में प्रस्तुत दावे गलत और विकृत हैं। ज़ोहर ने देश के नागरिकता कानून का हवाला देते हुए कहा कि यह ‘राज्य के प्रति निष्ठा के उल्लंघन’ के कारण नागरिकता रद्द करने की अनुमति देता है।
फिल्म की प्रतिक्रिया और समर्थन
“नाज़ा” का प्रीमियर हाल ही में वेनिस फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसे 25 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला। इसके बावजूद, यह अभी तक व्यापक जनता के लिए उपलब्ध नहीं है। फिल्म निर्माताओं को 700 से अधिक फिल्म उद्योग के सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने कहा कि वे “उकसावे और बदनामी के अभियान” का सामना कर रहे हैं।
इस मुद्दे पर इजरायली अभिनेता और पटकथा लेखक शलोमी एल्काबेट्ज़ ने कहा कि फिल्म में उठाए गए प्रश्नों की जांच होनी चाहिए, उन्हें दबाया नहीं जाना चाहिए।
