बुधवार को इजरायल जा रही एक उड़ान में घायल हुए पायलट की पहचान भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छर के रूप में हुई है। कैप्टन मच्छर पर एक अन्य पायलट ने फ्लाईदुबई की उड़ान में हमला किया, जिससे विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ना पड़ा। इस घटना के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें “सच्चा हीरो” कहा।
कैप्टन मच्छर का अनुभव
कैप्टन मच्छर मुंबई में पले-बढ़े, जहां उनके माता-पिता आज भी रहते हैं। उन्होंने 2008 में न्यूज़ीलैंड के डुनेडिन में स्थित मेनलैंड एयर से एविएशन की पढ़ाई की और तीन साल बाद भारतीय एयरलाइंस स्पाइसजेट में बतौर कमर्शियल पायलट शामिल हुए। 2022 में वे दुबई चले गए और फ्लाईदुबई से जुड़ गए।
मेनलैंड एयर के सीईओ फिलिप कीन ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि कैप्टन मच्छर संकट के समय शांत रहने वाले व्यक्ति थे। उनके पास 9,750 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है, जिसमें से 6,400 घंटे से अधिक वे पायलट-इन-कमांड के रूप में उड़ा चुके हैं।
पॉडकास्ट में उनके विचार
कैप्टन मच्छर ने पिछले साल एक पॉडकास्ट में अपनी उड़ान भरने की शुरुआत और अनुभवों के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया कि एविएशन उनका बचपन का सपना नहीं था, बल्कि एक सेमिनार में भाग लेने के बाद उन्हें इस क्षेत्र में रुचि हुई।
पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि वे अपने पायलट की वर्दी पहनते समय काम के प्रति 100% समर्पित रहते हैं। अब वे अपने व्यक्तिगत जीवन को भी महत्व देते हैं और परिवार के साथ समय बिताने पर जोर देते हैं।
फ्लाईदुबई उड़ान पर हमला
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 संयुक्त अरब अमीरात के दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 03:05 GMT पर इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई। उड़ान में लगभग 150 लोग थे, जिनमें से “लगभग सभी” इजरायली थे। उड़ान का डेटा दिखाता है कि विमान ने सऊदी अरब के ऊपर तेजी से उतरना शुरू किया, और कुछ ही मिनटों में 17,000 फीट से अधिक की ऊंचाई खो दी।
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बताया कि एक पायलट ने दूसरे पायलट पर हमला किया और विमान को गिराने की कोशिश की। इस स्थिति में एक यात्री और क्रू मेंबर ने कॉकपिट में प्रवेश कर हमलावर पायलट को काबू में किया।
प्रशंसा और समर्थन
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कैप्टन मच्छर ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी उनकी असाधारण बहादुरी की प्रशंसा की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि पायलट ने हमले के दौरान कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बहादुरी दिखाई।
