इज़राइल में आम चुनाव 27 अक्टूबर को होने वाले हैं। यह चुनाव उस समय हो रहा है जब 7 अक्टूबर 2023 के हमास के हमले के बाद देश में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएं हैं। इसे इज़राइल के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक माना जा रहा है, जिसका वैश्विक प्रभाव हो सकता है।
प्रमुख उम्मीदवार
इस चुनाव में वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मुकाबला गादी आइज़ेनकोट से है, जो इज़राइल डिफेंस फोर्सेज के पूर्व प्रमुख हैं। आइज़ेनकोट की लोकप्रियता उनके सैन्य अनुभव और राजनीति में उनकी नई उपस्थिति के कारण है। उन्होंने पिछले साल ही अपनी यशार पार्टी का गठन किया था।
अन्य विपक्षी नेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और एविग्डोर लिबरमैन शामिल हैं, जो सुरक्षा के मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाते हैं। यायर गोलान, एक वामपंथी नेता, इज़राइल के कब्जे वाले पश्चिमी तट से वापसी का समर्थन करते हैं।
नेतन्याहू की वर्तमान सरकार इज़राइल के इतिहास में सबसे अधिक दक्षिणपंथी मानी जाती है। सत्ता में बने रहने के लिए उन्हें अपने मौजूदा गठबंधन सहयोगियों का समर्थन लेना पड़ सकता है, जिनमें कुछ अति-राष्ट्रवादी दृष्टिकोण वाले भी हैं।
चुनाव प्रक्रिया
इज़राइल की संसद, जिसे नेसेट कहा जाता है, में 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटों की आवश्यकता होती है। देश में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली का उपयोग होता है, जिसके कारण सरकारें हमेशा कई दलों के गठबंधन से बनती हैं।
चुनाव के बाद, नई सरकार के गठन में हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है, क्योंकि विभिन्न दलों के बीच समझौते होते हैं। यदि कोई ब्लॉक बहुमत नहीं बना पाता है, तो एक अल्पसंख्यक सरकार भी सत्ता में आ सकती है।
प्रमुख मुद्दे
सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। विपक्षी नेता 7 अक्टूबर के हमलों के लिए सुरक्षा की विफलताओं की आलोचना कर रहे हैं। इसके बावजूद, नेतन्याहू ने खुद को “मिस्टर सिक्योरिटी” के रूप में प्रस्तुत किया है।
अन्य मुद्दों में सैन्य सेवा, न्यायिक सुधार और जीवन यापन की लागत शामिल हैं। नेतन्याहू की सरकार न्यायिक प्रणाली में सुधार की योजना बना रही है, जिसका विरोध हो रहा है।
फिलिस्तीनियों के लिए क्या मायने रखता है?
गाजा में संघर्ष विराम के एक साल बाद भी इज़राइल वहां हमले जारी रखे हुए है। पश्चिमी तट पर यहूदी बसावटें तेजी से बढ़ रही हैं। इन चुनावों का फिलिस्तीनियों के जीवन पर बड़ा प्रभाव हो सकता है।
नेतन्याहू और आइज़ेनकोट दोनों डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना का समर्थन करते हैं। आइज़ेनकोट ने गाजा में हमास के शासन को 18 महीनों के भीतर समाप्त करने का वादा किया है।
परिणाम की घोषणा
चुनाव के दिन रात 10 बजे स्थानीय समय पर एग्ज़िट पोल जारी किए जाएंगे। प्रारंभिक परिणाम अगले दिन आने की उम्मीद है, जबकि आधिकारिक परिणाम 4 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद राष्ट्रपति आइज़ाक हर्ज़ोग किसी नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे।
Source: BBC World News
