अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। अमेरिकी युद्धपोत फारस की खाड़ी की ओर बढ़ते हुए देखे गए हैं, जबकि इजरायली लड़ाकू विमान हमले की तैयारी में अभ्यास कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों को संभावित निशाना बनाने की योजना बनाई है।
अमेरिकी और इजरायली रणनीति
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला करने की योजना बना ली है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ट्रंप पर ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव डाल रहे हैं। ट्रंप ने संकेत दिया है कि उन्होंने ईरान पर हमले का विकल्प खुला रखा है।
अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत ‘यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट’ और 9,000 सैनिक फारस की खाड़ी की ओर रवाना हो चुके हैं। इस तैनाती से अमेरिका की सैन्य उपस्थिति मध्य पूर्व में 20,000 सैनिकों तक बढ़ सकती है।
इजरायल की तैयारी
19 अक्टूबर को इजरायल के दर्जनों लड़ाकू विमान सीरिया और इराक के ऊपर से ईरान की सीमा की ओर बढ़े थे, हालांकि वे ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही लौट आए। इजरायल ने इस शक्ति प्रदर्शन के बारे में अमेरिका को पहले ही सूचित कर दिया था।
ट्रंप के बयान
ट्रंप ने ‘पिकएक्स माउंटेन’ को संभावित लक्ष्य बताया है, जो ईरान के नतान्ज परमाणु परिसर के पास स्थित है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु सिस्टम को काफी हद तक नष्ट कर दिया है, लेकिन कुछ स्थानों पर अभी भी कार्रवाई की जा सकती है।
मध्यावधि चुनाव के बाद की योजना
अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के बाद ट्रंप ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। इजरायल इस बारे में जल्द निर्णय लेने पर जोर दे रहा है। अमेरिका ने मध्य पूर्व के अपने सहयोगी देशों को ईरान के संभावित जवाबी हमले के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
ईरान ने अपने पड़ोसी देशों में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है। साथ ही, उसने यूरेनियम संवर्धन को रोकने से इनकार कर दिया है। कूटनीतिक प्रयासों के तहत दोहा में ईरानी प्रतिनिधियों और कतरी मध्यस्थों के बीच बातचीत जारी है।
Source: BBC World News
