दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित होने वाली रामलीला में इस वर्ष एक अनोखी परंपरा का पालन किया जाएगा। श्री केशव राम लीला समिति ने घोषणा की है कि रावण के साथ 30 फीट लंबा एक चूहा प्रतीक जलाया जाएगा। यह चूहा प्रतीकात्मक रूप से “गंदगी और गंदगी” का प्रतिनिधित्व करता है।
समिति के अनुसार, यह पहल स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियानों का हिस्सा है। रामलीला के आयोजक मानते हैं कि इस प्रतीक को जलाना एक महत्वपूर्ण संदेश देने का कार्य करेगा। यह न केवल रावण के दहन का एक हिस्सा होगा, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का भी माध्यम बनेगा।
स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समिति ने इस अनूठे विचार को अपनाया है। देशभर में स्वच्छता अभियान को लेकर काफी ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में, रावण के साथ चूहा जलाने की इस परंपरा में एक सामाजिक संदेश छिपा हुआ है।
स्वच्छ भारत अभियान का प्रभाव
स्वच्छ भारत अभियान, जिसे 2014 में शुरू किया गया था, का उद्देश्य भारत को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना है। यह अभियान न केवल सफाई पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है।
दिल्ली में स्वच्छ दिल्ली अभियान भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें नागरिकों को साफ-सफाई के महत्व के बारे में शिक्षित करना और उन्हें स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करना शामिल है। इसी संदर्भ में, चूहा जलाने की यह पहल भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे की योजनाएँ
श्री केशव राम लीला समिति ने यह भी बताया कि इस वर्ष की रामलीला में अन्य कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल होंगे। ये कार्यक्रम न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं।
समिति का मानना है कि इस तरह की पहलें लोगों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होंगी। रावण के साथ चूहा जलाने के इस अनूठे प्रयास से यह संदेश भी जाएगा कि सभी को मिलकर अपने वातावरण को स्वच्छ रखना चाहिए।
इस वर्ष की रामलीला का आयोजन दशहरा के अवसर पर किया जाएगा, जब रावण का दहन एक प्रमुख कार्यक्रम होता है। समिति ने सभी नागरिकों को इस कार्यक्रम में शामिल होने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में सहयोग देने के लिए आमंत्रित किया है।
Source: NDTV India
