दिल्ली में हाल ही में हुई कार्रवाई के संदर्भ में CJP (सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस) ने यह स्पष्ट किया है कि उनके नेताओं, अभिजीत दीपके सहित, को रिहा करने की शर्तों में कोई ऐसा अनुबंध नहीं है जो यह कहता हो कि वे भविष्य में प्रदर्शन नहीं करेंगे। इस स्थिति ने संगठन के भीतर एक नया आत्मविश्वास भर दिया है और उन्होंने यह संकल्प लिया है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन का अधिकार
CJP ने कहा है कि रिहाई के समय जो बंधन पेश किया गया था, वह केवल शांति के उल्लंघन से बचने के लिए था। यह स्पष्ट किया गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेना संविधान द्वारा प्रदत्त एक अधिकार है। संगठन ने यह भी उल्लेख किया है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े रहेंगे।
दिल्ली में हुई कार्रवाई को लेकर CJP का मानना है कि यह उनके कार्यकर्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी भी प्रकार से संविधान के अंतर्गत सुरक्षित उनके अधिकारों को कमजोर नहीं कर सकती।
क्या आगे होगा?
CJP के नेताओं ने भविष्य में होने वाले प्रदर्शन की योजनाओं का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वे पूरे देश में रैलियाँ आयोजित करेंगे और अपने विचारों को जनसामान्य के सामने रखेंगे। उनका उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना है।
इस संबंध में CJP ने सभी समर्थकों से एकजुट होने और प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया है। वे इस बात को सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नागरिक अधिकारों का सम्मान किया जाए और किसी भी प्रकार की कार्रवाई से डरने की आवश्यकता नहीं है।
Source: NDTV India
