इंडोनेशिया के शहर पलांका राया में घनी नारंगी धुंध छा गई है। यहाँ के निवासियों ने इस धुंध का वीडियो साझा किया है, जो कालीमंतन क्षेत्र पर बिखरी हुई है, जहाँ जंगल की आग भी जल रही है।
राष्ट्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, वायु प्रदूषण सूचकांक (ISPU) ने 1,200 के स्तर को पार कर लिया है, जो बुधवार को 300 के ‘खतरनाक’ स्तर से चार गुना अधिक है। यह विषैला धुंध इंडोनेशिया, सिंगापुर और मलेशिया में लाखों लोगों को प्रभावित कर रहा है।
स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि इस स्थिति के लिए मुख्य रूप से कृषि उद्देश्यों के लिए की जाने वाली ‘स्लैश एंड बर्न’ पद्धति जिम्मेदार है, जो धुंध की तीव्रता को बढ़ा रही है।
धुंध का प्रभाव और प्रतिक्रिया
धुंध से प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, क्योंकि यह वायु गुणवत्ता को बहुत खराब कर रहा है। कई लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं, और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सभी को बाहर जाने से बचना चाहिए।
साथ ही, सरकार ने इस मुद्दे से निपटने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है। हालाँकि, कई लोग स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और अधिक तात्कालिक उपायों की मांग कर रहे हैं।
आगे की चुनौतियाँ
यह समस्या केवल इंडोनेशिया तक सीमित नहीं है; पड़ोसी देशों में भी धुंध का प्रभाव देखा जा रहा है। सिंगापुर और मलेशिया में, लोग भी इस स्थिति से प्रभावित हो रहे हैं, और वहां भी स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियाँ जारी की गई हैं।
इस धुंध की समस्या का समाधान खोजने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है, क्योंकि यह प्रदूषण का एक गंभीर उदाहरण है जो सीमाओं को नहीं पहचानता।
Source: BBC World News
